Press "Enter" to skip to content

12 साल की मुशरिफ खान का कमाल…फर्राटे से सुनाती है भगवद् गीता के 500 श्लोक

अगर मन में कुछ करने की चाह हो तो कोई भी काम मुश्किल नहीं रहता। कुछ ऐसे ही मुश्किल काम को आसान कर दिखाया है छिंदवाड़ा की रहने वाली मुशरिफ खान ने। आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली महज 12 साल की मुशरिफ भगवद गीता के 500 श्लोक फर्राटे से सुना देती है। अहम बात यह है कि मुशरिफ को गीता के सभी श्लोक सिर्फ कंठस्थ ही नहीं हैं, बल्कि उसे सभी श्लोकों के मायने भी अच्छी तरह पता हैं।

इसे भी पढ़े: PNB Recruitment 2021: PNB में 12वीं पास बिना एग्जाम के पा सकते हैं नौकरी…कल है आवेदन करने की अंतिम तारीख…इस Direct Link से करें अप्लाई

इस वजह से पढ़ी भगवत गीता

जानकारी के मुताबिक, 12 साल की मुशरिफ ने मेमोरी रिटेंशन कोर्स किया था। ऐसे में उसने कोर्स के लिए भगवद गीता को चुना। अब वह भगवद गीता के 701 में से 500 श्लोकों को फर्राटे से सुनाती है। इस मेमोरी रिटेंशन तकनीक को सीखने में मुशरिफ की मदद वैदिक गणित की शिक्षिका रोहिणी मेनन ने की।

इसे भी पढ़े: दर्दनाक सड़क हादसा: क्रिकेट खिलाड़ी समेत दो लोगों की मौत…दो की हालत गंभीर

कक्षा छह से सीख रही श्लोक

शिक्षिका रोहिणी मेनन ने बताया कि मेमोरी रिटेंशन तकनीक के लिए उन्होंने मुशरिफ को तीन विकल्प दिए थे। पहले विकल्प में पूरी डिक्शनरी याद करनी थी, जबकि दूसरे विकल्प में संविधान और तीसरे विकल्प में भगवद गीता को कंठस्थ करना था। मुशरिफ ने भगवद गीता को चुना। रोहिणी बताती हैं कि मुशरिफ ने कक्षा छह से भगवद गीता के श्लोकों को याद करना शुरू किया। अन्य बच्चों ने भी इस विकल्प को चुना, लेकिन मुशरिफ ही अब तक 500 श्लोक याद कर पाई।

इसे भी पढ़े: छत्तीसगढ़ में पहली बार पुलिस की वर्दी में दिखेंगे किन्नर…15 किन्नर बने पुलिस आरक्षक

गीता पढ़ने की बताई यह वजह

मुशरिफ ने बताया कि वह मेमोरी रिटेंशन के शॉर्ट कोर्स के बाद कुछ अलग करना चाहती थी। इस वजह से उसने भगवद गीता को चुना।  मुशरिफ के मुताबिक, उनकी मां ने हमेशा सिखाया कि घर के बाहर हम सिर्फ इंसान हैं। उन्होंने मुझे भगवद गीता सीखने की अनुमति दी, क्योंकि वे चाहते हैं कि मैं हर धर्म की जानकारी हासिल करूं।

इसे भी पढ़े: Jio यूजर्स के लिए बड़ी खुशखबरी: अब फोन में बिना सिम डाले आप किसी को भी कर सकेंगे कॉल

कुरान की आयतें भी याद

बता दें कि मुशरिफ को कुरान की आयतें भी याद हैं। उसका कहना है कि गीता, कुरान शरीफ और बाइबल सभी एक संदेश देते हैं कि इंसानियत सबसे ऊपर है। हर धर्म हमें भाईचारे से रहने की सीख देता है। मुशरिफ की उपलब्धि से उसके माता-पिता भी बहुत खुश हैं। मां जीनत खान कहती हैं कि वह अपनी बेटी की परवरिश इस तरह करना चाहते हैं कि वह बड़ी होकर बेहतर इंसान बने और हर धर्म की अच्छी बातें सीखे।

इसे भी पढ़े: 5 पुलिसकर्मी निलंबित…पशु तस्करों से पैसा लेकर छोड़ने का लगा आरोप…Video वायरल होने पर एसएसपी ने की कार्यवाही

More from मध्यप्रदेशMore posts in मध्यप्रदेश »

Be First to Comment

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *