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छत्तीसगढ़: पाठ्यपुस्तक निगम में 500 करोड़ का हिसाब-किताब नहीं

जगदलपुर। घोटालों से घिरे छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम (पापुनि) में जैसे-जैसे आर्थिक अनियमितता की जांच आगे बढ़ रही है, घोटाले की रकम भी बढ़ती जा रही है। 18 मार्च की स्थिति में करीब 500 करोड़ रुपये का हिसाब- किताब नहीं मिल पाया था। यह बात बस्तर दौरे पर आए पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी से शुक्रवार को यहां एक होटल में पत्रवार्ता में घोटाले से जुड़े एक सवाल के जवाब में कही।

त्रिवेदी ने कहा कि आर्थिक अनियमितता का मामला उनके अध्यक्ष पद संभालने से पहले का है। पूर्ववर्ती सरकार के समय चार साल से निगम की सामान्य सभा नहीं बुलाई जा रही थी। अध्यक्ष पद संभालने के बाद उन्होंने सामान्य सभा बुलाई। सभा में निगम के वार्षिक लेखा का हिसाब-किताब पेश किया। हिसाब-किताब का मिलान नहीं होने पर आर्थिक अनियमितता का संदेह गहराने पर जांच कराई गई।

उन्होंने कहा कि निगम की आडिट चार स्तर पर चाटर्ड एकाउंटटेंट (सीए) के अलावा स्थानीय निधि संपरीक्षा और कैग से भी कराई जा रही है। क्लोजिंग और ओपनिंग बैलेंस में मिलान नहीं हो रहा है। एक प्रिटिंग प्रेस को बिना काम कराए निगम के अधिकारियों द्वारा आठ करोड़ 40 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। जांच में 500 करोड़ रुपये का हिसाब किताब नहीं मिल रहा है। 12 मार्च को प्रिंटर को नोटिस दिया जा चुका है। जवाब मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सुनवाई का मौका दिया जा रहा

उन्होंने कहा कि बदले की कार्रवाई करने पर विश्वास नहीं है। नोटिस जारी कर सभी पक्षों को सुनवाई का अवसर दिया जा रहा है। जांच में दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पांच-छह प्रिंटर को ब्लैक लिस्टेड किया जा चुका है। कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। बैकों ने भी अपने कुछ कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई की है।

कागज और प्रिटिंग की क्वालिटी में सुधार

त्रिवेदी ने बताया कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद निगम- मंडलों के कामकाज में सुधार आया है। पाठयपुस्तक निगम का अध्यक्ष पद संभालने के बाद कागज और प्रिटिंग की क्वालिटी में सुधार आया है। उन्होंने बताया कि स्थानीय बोली भाषा में कक्षा पहली एवं दूसरी के लिए पाठ्य पुस्तक उपलब्ध कराने में सफलता मिली है। संविधान की जानकारी स्कूली बच्चों तक पहुंचाने के लिए भी किताब की व्यवस्था निगम ने की है।

न्याय व्यवस्था पर भरोसा

झीरम नक्सल कांड की राज्य सरकार की जांच पर रोक की चर्चा करते त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस को देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। झीरम मामले में राज्य सरकार की जांच पर रोक लगाई गई है। आरोपितों पर कार्रवाई होगी। न्यायालयीन कार्रवाई की समय सीमा नहीं बता सकते। अंतागढ़ कांड पर कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है इसलिए उनका बोलना उचित नहीं है। पत्रवार्ता में कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आलोक दुबे, मनोहर लूनिया, सुशील मौर्य, अतिरिक्त शुक्ला, प्रकाश अग्रवाल आदि मौजूद थे।

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