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बम्लेश्वरी मंदिर के बाद अब भोरमदेव मंदिर को संवारेगी केंद्र सरकार

रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध डोंगरगढ़ के मां बम्लेश्वरी मंदिर के बाद अब केंद्र सरकार कवर्धा जिले के भोरमदेव मंदिर को भी संवारेगी। छत्तीसगढ़ का खजुराहो कहे जाने वाले भोरमदेव मंदिर के विकास के लिए राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद संतोष पांडेय ने ससंद में आवाज उठाई। लोकसभा में सांसद पांडेय ने भोरमदेव के विकास का प्लान सौंपा है।

उन्होंने प्रख्यात भोरमदेव मंदिर के समीप स्थित सरोवर का जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण कर मंदिर के चहुंमुखी विकास करने और उसे एक ऐतिहासिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव दिया था। इस प्रस्ताव पर पर्यटन मंत्री ने सहमति दी है। भोरमदेव मंदिर परिसर स्थिति तालाब में बोटिंग की भी सुविधा शुरू करने का प्रस्ताव है।

संसद में संतोष पांडेय ने बताया कि भोरमदेव मंदिर के चारों ओर मैकल पर्वत समूह है। इस मंदिर की बनावट खजुराहो तथा कोणार्क मंदिर के समान है। भोरमदेव को डोंगरगढ़ के लिए स्वीकृत प्रसाद योजना अंतर्गत शामिल किया जाए, जिससे समुचित विकास हो सके और पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। इसके साथ ही पांडेय ने बम्लेश्वरी मंदिर में छोटी रेल लाइन के इस्तेमाल का प्रस्ताव दिया।

रायपुर से राजिम के लिए छोटी रेल लाइन थी, जिसे बंद कर दिया गया है। इस छोटी रेल लाइन को बम्लेश्वरी मंदिर के लिए दे दिया जाए, जिससे वहां पर ट्वाय ट्रेन चलाई जा सके। इससे मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाएगी। पांडेय ने कहा कि मुझे विश्वास है कि मां बम्लेश्वरी में ट्वाय ट्रेन की सुविधा प्रारंभ होगी और पर्यटन क्षेत्र मां बम्लेश्वरी मंदिर में एक और सेवा शुरू होने से लोगों को सुविधा होगी।

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