ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन मेडिकल प्रमाण पत्र देने वाला पहला राज्य बना छत्तीसगढ़…परिवहन मंत्री अकबर ने ऑनलाइन पोर्टल का किया उद्घाटन

रायपुर। परिवहन मंत्री मो. अकबर ने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन मेडिकल प्रमाण पत्र देने वाले पोर्टल ‘सारथी’ का उद्घाटन किया है. ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ पहला राज्य बन गया है. मंत्री अकबर ने आम लोगों को सुविधा देने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया का सरलीकरण किया है.

परिवहन मंत्री अकबर ने कहा कि भारत में पहली बार ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया को छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन किया गया है. ऑनलाइन मेडिकल प्रमाण पत्र जारी होने से आवेदक और डॉक्टर दोनों को सुविधा मिलेगी. यह परिवहन विभाग के ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को पारदर्शी और पेपरलेस बनाने की दिशा में पहला कदम है.

उन्होंने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति ड्राइविंग लाइसेंस बनाना चाहता है. उसकी उम्र चालीस वर्ष से अधिक है, तो उसे मोटर यान नियम के अनुसार निर्धारित प्रारूप में मेडिकल सर्टिफ़िकेट भी आवश्यक होती है. ड्राइविंग लाइसेंस के लिए लगने वाले मेडिकल प्रमाण पत्र को फ़ॉर्म 1A कहा जाता है.

इसी तरह यदि कोई आवेदन ट्रांसपोर्ट गाड़ी के लिए लाइसेंस बनवाना चाहता है, तो उसे भी फ़ॉर्म 1A में मेडिकल प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य होता है. वर्तमान प्रक्रिया में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन को डॉक्टर के पास फ़ॉर्म 1A का प्रारूप लेकर जाना पड़ता था. कई बार परिवहन कार्यालय में फ़र्ज़ी मेडिकल प्रमाण पत्र जमा करने की शिकायतें भी प्राप्त होते रही है.

परिवहन मंत्री अकबर ने इन समस्याओं के निराकरण करने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया था. जिसके बाद विभिन्न राज्य की व्यवस्थाओं को समझने और इंडीयन मेडिकल असोसीएशन, हॉस्पिटल असोसीएशन के पदाधिकारियों से चर्चा करने के बाद नए ऑनलाइन पोर्टल का निर्माण किया गया है.

ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल प्रमाण पत्र देने के ऑनलाइन व्यवस्था के अंतर्गत अब कोई भी डॉक्टर जो यह कार्य करना चाहते हैं, वो परिवहन विभाग से बिना किसी शुल्क के आईडी और पासवर्ड प्राप्त कर सकते है. जो डॉक्टर सारथी पोर्टल का आईडी और पासवर्ड प्राप्त करेंगे, वे राज्य कहीं भी ऑनलाइन मेडिकल सर्टिफ़िकेट जारी कर सकते है.

आवेदक को फ़ॉर्म भरने के बाद डॉक्टर के पास जाना होगा और अपना आवेदन नंबर बताना होगा. आवेदक राज्य में किसी भी डॉक्टर के पास जा सकता है. डॉक्टर के पास जाने से डॉक्टर के द्वारा आवेदक के ऑनलाइन आवेदन नम्बर को सारथी पोर्टल में डालते ही आवेदक के मोबाइल में ओटीपी आ जाएगा. यदि आवेदक के द्वारा सहमति से ओटीपी डॉक्टर को बताया जाता है, तो आवेदक का सम्पूर्ण जानकारी फ़ोटो सहित डॉक्टर को दिख जाएगा.

फ़ोटो से वास्तविक व्यक्ति का मिलान करते हुए डॉक्टर के द्वारा ऑनलाइन मेडिकल प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा, जो कि तत्काल ही परिवहन अधिकारी को दिख जाएगा. इस प्रक्रिया में किसी प्रकार के पेपर वर्क की आवश्यकता भी नहीं रहेगी. मेडिकल प्रमाण पत्र में होने वाले शिकायतों पर भी लगाम लगेगी.

इस दौरान परिवहन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह, अतिरिक्त परिवहन आयुक्त दीपांशु काबरा और सहायक परिवहन आयुक्त शैलाभ साहू मौजूद थे.

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