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समर्पित नक्सली बन सकेंगे पिता…पुलिस ने खुलवाई नसबंदी

सुकमा। नक्सल संगठन में काम करते समय नक्सलियों की नसबंदी करा दी गई थी। आत्मसमर्पण करने के बाद छह लोगों की नसबंदी को पुलिस ने फिर खुलवा दिया है। राजधानी के अस्पताल में इलाज कराया गया है। अब यह आत्मसमर्पित नक्सली पिता का सुख भोग सकेंगे।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में छह आत्मसमर्पित दंपति ने एसपी केएल ध्रुव को आपबीती सुनाई थी। इन्होंने बताया था कि संगठन में काम करते वक्त उनकी नसबंदी करा दी गई थी। इस कारण माता-पिता बनने के सुख से वे दूर हैं। इसके बाद एसपी ने राजधानी रायपुर के एक अस्पताल से संपर्क कर इन लोगों को इलाज के लिए भेजा था। वहां इनका आपरेशन किया गया। अब यह पिता का सुख भोग सकेंगे।

नक्सलियों ने पहले मोटरसाइकिल जलाई फिर की पिटाई

सुकमा। जिले के नक्सल प्रभावित एटेगट्टा गांव के पास नक्सलियों ने मोटरसाइकिल में आग लगा दी। इसके बाद संबंधित युवकों की पिटाई की। उनका इलाज सीआरपीएफ के कैंप में चल रहा है। जानकारी के अनुसार गुरूवार सुबह करीब नौ बजे इंजरम से भेज्जी जाने वाले मार्ग पर एटेगट्टा गांव के पास नक्सलियों ने एक मोटरसाइकिल को जला दिया। उस पर सवार युवक चिन्नााराम व राजू फल बेचने जा रहे थे। रास्ते में 15- 20 हथियारबंद नक्सली सड़क पर आ धमके। मोटरसाइकिल को रोका फिर उसमें आग लगा दी। इसके बाद युवकों के साथ मारपीट की और उनके मोबाइल, एटीएम, आधार कार्ड व सामान लूटकर ले गए। सूचना मिलने पर गोरखा कैंप में तैनात सीआरपीएफ 219 बटालियन के कमांडेंट अचलाराम ने जवानों को भेजा और दोनों घायलों को कैंप लाकर उनका प्रारंभिक उपचार किया गया। खबर की पुष्टि सुकमा एसपी केएल ध्रुव ने की है।

IED के साथ अन्य सामग्री छोड़कर भागे नक्सली

दंतेवाड़ा। गुरुवार को सीआरपीएफ और डीआरजी के जवानों ने सुकमा-दंतेवाड़ा सीमाई इलाके से नक्सलियों के 10 किलो आइइडी सहित अन्य नक्सल सामग्री बरामद की है। यह सामग्री जगरगुंडा इलाके में रखा था लेकिन खुद को पुलिस से घिरता देख छोड़ भागे।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सुकमा जिले से लगे किरंदुल थाना क्षेत्र के इलाके में नक्सलियों के बड़े लीडर की मौजूदगी की सूचना मिली थी। बताया गया था कि इलाके के वेंगपाल, बड़ेपल्ली, आलनार क्षेत्र में नक्सलियों के पश्चिम बस्तर डिवीजन सचिव पापाराव, भैरमगढ एरिया कमेटी प्लाटून कमांडर झितरू तथा अन्य मौजूद हैं।

इस सूचना पर सीआरपीएफ 165 बटालियन, 230 और 231 व डिस्ट्रिक रिजर्व गार्ड के जवान गश्त पर निकले थे। आलनार पहाड़ियों पर नक्सलियों ने एंबुश लगाया था। खुद को घिरता देखकर वे भाग निकले। सर्चिंग के दौरान पहाड़ जंगल से 10 किलो आइइडी, वायर, पटाखा, नक्सली वर्दी, पिट्ठू, साहित्य, दवा और अन्य सामग्री बरामद की गई है। सर्चिंग में सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेट संजीव टीएम, विनीत गुप्ता, पंकज कुमार, डीआरजी के इंस्पेक्टर संजय पोटाम शामिल थे।

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