सरकार को मिलेगा 101 फीसद और खर्च करेगी 102 फीसद

रायपुर। वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट में अफसरों की लापरवाही ने सरकार के आय-व्यय का गणित ही बिगाड़ दिया है। सरकार को विभिन्न स्रोतों से प्राप्त होने वाले राजस्व और खर्च का आंकड़ा 100 फीसद के पार पहुंचा दिया गया है। बजट दस्तावेजों में राज्य को प्राप्त होने वाले राजस्व आंकड़ा का जोड़ 101 और व्यय 102 आ रहा है।

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इस मामले में वित्त विभाग के एक अफसर ने कहा कि इससे बजट पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अफसरों के अनुसार बजट में सरकार कई तरह के आंकड़े पेश करती है। इसमें यह भी बताया जाता है कि सरकार को किन-किन स्रोतों से कितनी-कितनी राशि मिलेगी।

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इसी तरह राज्य किन-किन क्षेत्रों में कितना खर्च करेगी। वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट में ग्राफिक्स के माध्यम से दिए गए इन आंकड़ों का जोड़ गड़बड़ हो गया है। कुल 100 पैसे के हिसाब से दिए गए इन आंकड़ों में रुपये के आने का जोड़ 101 हो रहा है।

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केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा 23, सिंचाई एक, केंद्रीय सरकार से सहायता 22, वाणिज्यिकर व शुद्ध लोक ऋण 14-14, खनिज सात, राज्य उत्पाद शुल्क छह, अन्य पांच, विद्युत कर तीन, स्टांप-पंजीयन व वाहनों पर कर दो-दो, वानिकी व भू-राजस्व एक। इसका कुल जोड़ 101 आ रहा है।

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शिक्षा, खेल, कला- संस्कृति 19, कृषि एवं अन्य संबद्ध सेवाएं 17, प्रशासनिक सेवाएं सात, पेंश व विविध सेवाएं सात, जलापूर्ति, सफाई, आवास एवं शहरी विकास सात, ब्याज संदाय सात, सड़क एवं पुल सात, स्वास्थ्य छह,अन्य पांच, ऊर्जा पांच, ग्रामीण विकास पांच, सामाजिक कल्याण चार, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण तीन, अजा/जजा कल्याण, स्थानीय निकायों को अनुदान व उद्योग- खनिज एक-एक।

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इसका जोड़ 102 हो रहा है। इस मामले में वित्त सचिव अलरमेलमंगई डी और वित्त संचालक शारदा वर्मा से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन दोनों ने काल रिसीव नहीं किया।

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