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छत्तीसगढ़: हाईकोर्ट में जस्टिस विमला कपूर बनी स्थाई जज…बिना किसी समारोह के हुआ शपथ ग्रहण

बिलासपुर। हाई कोर्ट में पिछले दो साल से अब तक अतिरिक्त न्यायाधीश के तौर पर कार्यरत जस्टिस विमला सिंह कपूर अब स्थाई जज बन गई हैं। कोरोना संक्रमण के चलते गुरुवार को बिना किसी समारोह के मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें स्थाई जज के तौर पर शपथ दिलाई। जस्टिस कपूर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की पहली महिला आदिवासी न्यायविद हैं।

बीते सोमवार पांच अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट के कोलेजियम की बैठक आयोजित हुई। कोलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के लिए जस्टिस कपूर को स्थाई जज के रूप में अपनी मंजूरी दे दी थी।

इस बीच केंद्र सरकार से इस संबंध में अधिसूचना जारी नहीं हुई थी। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ही केंद्र सरकार ने भी उन्हें स्थाई जज बनाने का आदेश जारी कर दिया। इसके साथ ही अब जस्टिस कपूर हाई कोर्ट में बतौर स्थाई जज की तरह काम करेंगी। इसी कड़ी में गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें जज के रूप में शपथ दिलाई।

कोरोना महामारी के संक्रमण के चलते हाई कोर्ट में बिना किसी समारोह के उन्हें जज की शपथ दिलाई गई। इस आयोजन में हाई कोर्ट के वकीलों के साथ ही न्यायिक अधिकारियों के आनलाइन शामिल होने के लिए वेब से जुड़ने की व्यवस्था की गई थी। लिहाजा, बार के सदस्य व न्यायिक अधिाकारी भी कार्यक्रम में आनलाइन शामिल हुए। मालूम हो कि हाई कोर्ट में हाल ही में दो नए अस्थाई जज की नियुक्ति की गई है।

इनमें जस्टिस नरेश चंद्रवंशी बेंच कोटे से पदोन्न्त हुए हैं। जबकि जस्टिस एनके व्यास को बार कोटे से जज बनाया गया है। दोनों नए न्यायाधीशों की नियुक्ति भी अभी दो साल के लिए अतिरिक्त जज के तौर पर अस्थाई रूप से की गई है। उनका भी दो साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्हें स्थाई जज के रूप में नियुक्ति दी जाएगी।

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