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अब आरटीपीसीआर टेस्ट कोरिया में, कोरोना की लड़ाई में पहले कोविड अस्पताल, वायरोलैब और अब आरटीपीसीआर टेस्ट मशीन लाने में अम्बिका सिंहदेव की मेहनत रंग लाई

बैकुंठपुर 18 अप्रैल। कोरिया जिले में कोरोना का सही पता लगाने वाली जांच करने का महत्वपूर्ण टेस्ट आरटीपीसीआर अब बैकुंठपुर में शुरू होने वाला है, संसदीय सचिव अंबिका सिंहदेव की विशेष पहल से यह संभव हो पाया है, बीते वर्ष ही उन्होने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री से लेकर कोरबा सांसद से आरटीपीसीआर टेस्ट की मशीन कोे लेकर मांग की थी। संभवतः मंगलवार या बुधवार को इसकी शुरूआत होगीइस संबंध में संसदीय सचिव अंबिका सिंहदेव ने बताया कि संभवतः मंगलवार बुधवार तक इसकी विधिवत शुरूआत होगी, फिलहाल इसके टेक्निशियन प्रशिक्षण में है, इसके लिए माननीय मुख्यमंत्री, माननीय स्वास्थ्य मंत्री और सांसद मैडम श्रीमती ज्योत्सना महंत का आभार व्यक्त करती हूं, सभी बेहद संवेदनशील है और जिले के लोगों के स्वास्थ्य के प्रति बेहद सजग भी है। उनके प्रयास से यह संभव हो पाया है।

कोरिया जिलामुख्यालय में बीते वर्ष कोरोना महामारी की शुरूआत में ही संसदीय सचिव अंबिका सिंहदेव ने जिलामुख्यालय में कोविड अस्पताल के साथ चरचा में 50 बिस्तरीय कोविड अस्पताल की शुरूआत में अहम योगदान दिया, बैकुंठपुर स्थित कोविड अस्पताल का शुभारंभ उन्ही के हाथो हुआ था। जिसके दो माह बाद उन्होनें कोेरोना की जांच कोरिया में ही हो इसके लिए प्रयास शुरू किए और उन्हें सफलता मिली, जिसके बाद आरटीपीसीआर जांच को छोड़ सभी तरह जांच की शुरूआत हुई, संभाग में सिर्फ अंबिकापुर में जांच होती थी, बाद में उन्होनें बैकुंठपुर में जांच के लैब की शुरूआत की। इसके बाद उनके प्रयास से जिले को पहला वायरोलॉजी लैब मिला जिसका निर्माण लगभग पूर्ण हो चुका है। अब इसी कडी में श्रीमति सिंहदेव ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और सांसद ज्योत्सना महंत से कोरिया जिले में आरटीपीसीआर टेस्ट की मशीन की मांग की, उन्होनें सभी को बताया था कि इस टेस्ट के लिए रायपुर जाना पडता है जिससे समय का भी नुकसान होता और ट्रीटमेंट में भी देरी हो जाती है। उनकी मांग के बाद कुछ दिन पूर्व आरटीपीसीआर मशीन कोरिया पहुंची, और उसके संचालन करने के लिए जिले के कुछ टैक्निशियनों को प्रशिक्षण के लिए बाहर भेजा गया है। जिसके बाद संभवतः मंगलवार बुधवार को मशीन शुरू हो सकेगी।

 

क्या है आरटी पीसीआर टेस्ट?

 

आरटी पीसीआर टेस्ट यानी रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलीमर्स चेन रिएक्शन टेस्ट। इस टेस्ट के जरिए व्यक्ति के शरीर में वायरस का पता लगाया जाता है। इसमें वायरस के आरएनए की जांच की जाती है। जांच के दौरान शरीर के कई हिस्सों से सैंपल लेने की जरूरत पड़ती है। ज्यादातर सैंपल नाक और गले से म्यूकोजा के अंदर वाली परत से स्वैब लिया जाता है।

 

इस टेस्ट की रिपोर्ट आने में कितना समय लगता है?

 

आरटी पीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट आने में सामान्यतः 6 से 8 घंटे का समय लग सकता है। कई बार इससे ज्यादा समय भी लग सकता है। आरटी पीसीआर टेस्ट आपके शरीर में वायरस की मौजूदगी का पता लगाने में सक्षम है। यही वजह है कि कुछ लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण सामने न आने के बावजूद भी ये टेस्ट पॉजिटिव आता है। हालांकि, आगे चलकर वायरस के कोई लक्षण सामने आएंगे या नहीं, या फिर वायरस कितना गंभीर रूप ले सकता है, इसके बारे में आरटी पीसीआर टेस्ट के जरिए पता नहीं चल पाता।

 

इस टेस्ट के लिए कोई तैयारी भी करनी पड़ती है या भूखे पेट सैंपल देना पड़ता है?

 

इस टेस्ट के लिए किसी खास तैयारी की जरूरत नहीं पड़ती। लेकिन अगर आप कोई विशेष दवा, काढ़ा या जड़ीबूटी का सेवन कर रहे हैं तो एक बार अपने डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही सैंपल दें। ऐसा इसलिए, ताकि आप जो दवा या काढ़े का सेवन कर रहे हैं, उसका रिपोर्ट पर असर नहीं दिखे। सैंपल देने के लिए भूखे रहने की आवश्यकता नहीं होती है। सैंपल कभी भी दिया जा सकता है।

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