सक्ती

मुख्यमंत्री ने वृक्ष संपदा योजना का किया वर्चुअल शुभारंभ: डूमरपारा के एक एकड़ भूमि पर लगाए गए 250 सागौन के पौधे…कलेक्टर ने योजना का लाभ उठाने की अपील

सक्ती। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर आज राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना का आज वर्चुअल शुभारंभ किया। जिला स्तरीय कार्यक्रम के तहत आज सक्ती के ग्राम डूमरपारा के बुधराम साहू और देशराम साहू की 1 एकड़ जमीन पर 250 सागौन के पौधों का रोपण किया गया।

विदित हो कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इस योजना का राज्यव्यापी शुभारंभ किया। यह किसानों की निजी भूमि पर वृक्षारोपण कर ग्रामीणों की आय बढ़ाने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में ग्रीन कवर बढ़ाने की एक महत्वकांक्षी योजना है। इस योजना अंतर्गत समस्त वर्ग के सभी इच्छुक भूमि स्वामी, शासकीय, अर्द्ध शासकीय एवं शासन की स्वायत्त संस्थाऐं, निजी शिक्षण संस्थाऐं, निजी ट्रस्ट, गैर शासकीय संस्थाऐ, पंचायते तथा भूमि अनुबंध धारक इंस योजना का लाभ ले सकते है।

हितग्राही की निजी भूमि में 05 एकड़ तक रोपण हेतु 100 प्रतिशत तथा 05 एकड़ से अधिक क्षेत्र में रोपण हेतु 50 प्रतिशत वित्तीय अनुदान शासन द्वारा हितग्राहियों को प्रदाय किया जावेगा। राज्य में इस योजना के माध्यम से प्रति वर्ष 36,000 एकड़ के मान से कुल 05 वर्षों में 1,80,000 एकड़ में 15 करोड़ पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है। शासन द्वारा चयनित वृक्ष प्रजातियों की खरीदी के लिए प्रतिवर्ष न्यूनतम क्रय मूल्य निर्धारित किया जावेगा, जिससे कृषकों को निश्चित आय प्राप्त हो सकें। योजना अंतर्गत क्लोनल नीलगिरी, टिश्यू कल्चर बांस, सागौन, मालाबार नीम जैसे आर्थिक लाभ देने वाले पौधों का रोपण किया जाएगा।

कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने कहा कि ऐसे किसान जिनकी पड़त भूमि, निजी भूमि जिसका उपयोग नही हो रहा है। वे मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना के तहत क्लोनल नीलगिरी, टिश्यू कल्चर बांस, सागौन, मालाबार नीम जैसे आर्थिक लाभ देने वाले पौधों का रोपण कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना से वास्तव में भूमि का उपयोग और आर्थिक लाभ होगा। इसके साथ ही कलेक्टर ने अधिक से अधिक हितग्राहियों से योजना का लाभ लेने की अपील की।

इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष सक्ती राजेश राठौर, डूमरपारा सरपंच सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, वन एवं संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, किसान और ग्रामीणजन उपस्थित थे।

Related Articles